जब से तेरी बाहों का सिरहाना मिला, हम सपनो मे रहते है , कब सुबह हुई पता भी ना चला, जब आंख खुली तो तुम सामने थे,दुआ कबुल कब हुई तुम्हे पाने की पता भी ना चला

कया कहु ऐसा की मेरे होने का एह्सास हो, सांस  जब  ले  तो  मेरी  महक  महसूस हो,   छूने  से  जिसके  खिल  उठे  यह बदन  मेरा,  ऐसी तेरी नज़रो से निकला कोई तीर हो

People    save   good   memorise in   pen  drive   and  …………….  bad   memories   in  mind…..    just try  to  change  the  location life  will  automatically change

बेवफाई

बेवफाई  का  दुसरा  नाम  मौहबत है   ये हम ही नही  सब  जानते  है,  दिल  नही  देगें  सब  कहते है,  फिर भी  ना जाने  क्यु  हरतरफ  टुटे  दिल के टुकडे से