जब से तेरी बाहों का सिरहाना मिला, हम सपनो मे रहते है , कब सुबह हुई पता भी ना चला, जब आंख खुली तो तुम सामने थे,दुआ कबुल कब हुई तुम्हे पाने की पता भी ना चला

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