Is pyar Ko kya Naam de

तूमहारी मौहबत मे गिरफ्तार हु ये मै नही जमाना कहता है,

हमारे इशक की दासतान ये जमीन आसमान सुनाता है,

तेरे शबदो को यु सजाया है जिसमे वो सब ये तराना कहता है,

अब और कया कहु आजकल हर कोई हमे इक दुजे का दीवाना कहता है

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