मुसकुराना सीख ले

किसी की हसीं की वजह मै बनु

किसी की खुशी की वजह मै बनु

बस इतना ही करम कर ऐ मेरे खुदा

मर कर भी किसी के काम आ सके

उस साथ की ,उस याद की, उस खवाब की

वजह मै बनु

 

Unki inayete unke karam

उनके घाव देने के शौक को हम हवा देते रहे

वो दर्द देते रहे हम मुसकुरा के सहते रहे

मेरे महबूब

तेरे रुखसार से रौशन ये जहाँ मेरा
तुझसे ही दिलो मे चाहत है
तुझे खुदा समझा है मैने
अब तु ही बता मेरे नसीब मे तु है की नही

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Tum agar sath ho

तुम अगर साथ हो तो ये जहाँ छोड दे
दिल तो दे ही चुके है कहो तो सासें छोड दे
फिर ना कहना मौहबत का इमतहान ना दिया
तुम कह कर तो देखो
रेत की दीवारो से आशियाना तो कया
लहरों पे तेरा नाम लिख दे

Toote dil ke tukde

दिल को कैसे यकीन आए कि तुम बेवफा हो
मुझे देख तुम्हारे चेहरे पर जो मुसकान है,
कया वो भी झुठी है
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तेरे बिन रहना सीखा नही कभी
यु अकेले जीने की सजा ना दो हमे
जीते जी मर जाएंगे
यु मझघांर मे ना छोडो हमे
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तनहाइयों मे अब दिल लगता है
तुम को पास महसूस करती हु
आखौं से गिरते हर अशक मे तेरी तसवीर दिखती है
बस आखौ से बहकर लबों से पी लेती हु
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आज उनकी नजर मे हम बेवफा हो गए
जब गैरो के साथ वो मसरुफ थे हम.देख ना पाए
हमारा यू महफिल से निकलना हमारी बेपरवाही लगी
अपनी बेरुखी को हमारी बेवफाई का नाम दे दिया
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इन आँखों मे अब खवाब नही आते
जबसे तुम किसी और की नजरों मे काजल से बसे
ये चिराग भी अब रोशनी नहीं देता
जब से मेरा चादँ गैर के आगनं मे निकला
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बस इतनी गुजारिश हैं इस टुटे दिल की
कभी अकेले मे ही सही हमे याद करना
कभी पलको से बहना चाहे पानी तो बहने देना
हम बारिश की बुदों से छुपा लेगें तेरे उस लमहे को
मोहबत की हैं रूसवा ना होने देगें तेरी शकिसयत को
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ये दुनिया भी कैसे कैसे रंग बदलती,
तुम साथ थे तो सब अपना कहकर गले लगाते
एक तुम कया छुटे,
भीड़ मे भी तनहा से है

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बच बच कर निकलिऐ जनाब टुकड़े काचं के नही इस दिल के है
दिखते नही पर चुभन बहुत गहरी है
घाव से खुन नही दर्द रिसता है
तेरी याद के साथ इनहे भी ताजा रखते है
पुराना हो तो नासुर बनता है और तुमहे तो रोज एक ताजा घाव देने की आदत है
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इस टुटे दिल के टुकडे समेटने दो
अगर चुभा तो दर्द से जी ना पायोगे
हमने तो भर लिए है आचँल मे
तुम तो छु भी ना पायोगे
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ना तुमहे पा सकते है ना छोड़ सकते है
अजीब हाल है इस दिल का
कोई आकर देखे इसे,कहीं ये भी तुमसा पतथर तो नही हो गया
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तुमसे मोहब्बत कैसे ना करें मेरा ये दिल
तेरी बेवफाई मे आसुं बहाना मेरी इन आखौ की आदत सी हो गई हैं
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ना जाने कयु खफा है मेरा महबुब
जो उसने घाव देना ही छोड दिया
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ये दिल मानता नही कि तुम बेवफा हो
पर इन नजरो का कया करू जिनहोने तुमहे किसी के पहलु मे देखा है
अब तुम ही कहो सजा किसे मिले
इस दिल को धडकने का हक नही या इन आँखों को बंद कर दु हमेशा के लिए
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वो वादा उम्र भर साथ निभाने का
कया भुल गए वो कसमे कभी ना छोडोगे कहा
था तुमने
हममे कमी कया थी ये तो कह देते
हमारी मोहबत कम पड गई या किसी की अदायो ने काम कर दिखाया
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कयु लोग साथ छोड़ देते है किसी और की ख़ातिर
कया उस खुदा का खौफ नही या उनकी आँखों में वो नशा है जो होश में आने नही देता
तुझे भी कोई भुले ऐसे ही बेवफा
ये रूह रो रो कर दुहाई देती हैं अब तो
तुझे भी इस दोजख का अहसास हो इक पल के लिए
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ये रूह भटकती है तेरे इतजांर मे
पता है तु नही आएगा फिर भी एक आस है
झुठला दे उस रब के लिखे को भी
इक आखिरी बार गले लगाकर
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दर्द भी रोता है अब मेरे हाल पर
जख्म भी पुछते अब तो आकर मेरा हाल
टीस उठती है घाव से कि इकबार तो बता दे उस जुलमी का नाम
अब कैसे कहु कि वो तेरा पयार ही तो हैं जो मुझे सब सहने की हिममत देता है
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बार बार कयु आज दिल घबरा रहा
कयु घडकने तेज हो रही
तुम तो नजरो के सामने हो
कही तुम किसी और के खयालों मे तो गुम नही
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दुर जाना ही था तो कुछ हमारी कमी बता देते
किसी और को हमसफर बना के
मेरी मोहबत को यु जमाने मे रुसवा तो ना करते
हम तो खुद ही निकल जाते तेरी महफिल से
गैरो की आंखों से पी के हमे हमारी ही नजरों से कयु गिरा दिया
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ऐसी कया खता हुई जो दिल चुप है
ना घडकनो की आवाज सुनाई देती है
ना नजरों की भाषा समझ आती है
सजा तो मान ली हमने सर झुका के
जुरम हमारा कही ये तो नही के आप कही और दिल लगा बैठें हो
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तेरे पहलू मे हम थे दिल की तरह
और तुम थे इस दिल की घडकन की तरह
फिर आज ऐसा कया हुआ
कि जमाने के मरघट मे पडे है लाश की तरह
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तुझसे मोहब्बत की हैं कोई जुर्म नही
सजा ही देनी है तो जान ले ले
यु किसी और को गले लगाके कयु तडपता है
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तेरी बेवफाई का गम कया कम था
जो दुनिया तेरे नाम से हमें पुकारती है
पहले ही रुह जख्मी है
कयु तुम सिर्फ मेरे हो कहकर नमक छिडकती है
सच तो ये कि ना तुम कल मेरे थे ना आज
तो कयु तेरी याद इन घावों को कुरेदती है
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वो आए भी महफिल मे आैर हमसे मिले गैरो की तरह
अब कैसे उनहे बताऐ हम तो आज भी उनके रूमाल की खुशबू से जिंदगी महकाए बैठे हैं
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नही कोई उम्मीद उनसें अब वफा की
जब अपना गुनाह छुपाने की खातिर हमारा नाम किसी और से जोड दिया
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तेरे काधें पर सर रखकर सोने की तमन्ना रखते थे ये भी कया मालुम था कि तेरे काधें पर जनाजा निकले ये आरजु भी पुरी ना होगी
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तेरे दिल मे थोडी जगह मागीं थी
तुम तो अजनबी से हो गए
कया करू अब इन चादंनी रातो का
जब तुम ही जुदा हो गए
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हर सुबह तेरी याद दिल पर दसतक देती है
और हम रोज राह तकते तकते उस याद को सीने मे छुपाए आखें मुंद लेते है
बस तु आ और लेले पहलू मे ये तडपने का सिलसिला चले कबतक
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सबको लगता है दिल मे दर्द भरा है
उनहे कया पता ये दर्द नही तेरे लिए मेरी चाहत है
जो इन पलकों से छलक छलक जाती हैं
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हम बैठे है उनके दर पर उनके दीदार की तमन्ना है
वो एक ठोकर ही लगा दे तो एहसान उनका है
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जखम इतने है इस रूह पर कि गिन ना पायोगे
बस तुम घाव देते रहो तुमहारा साथ मरहम सा लगता है
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हमारी आखौ मे झाकं जब उन्होंने अपना अकस देखा
तो ना जाने कयु छिटक कर दुर हो गए
हमारी मोहबत भी देखिए वो बदनाम ना हो जाए
इन पलकों मे उनको छुपा के हम इस जहाँ से रूखसत हो गए
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आज फिर दिल उदास है
ये ROOH कयु बेचैन है
लगता हैं मेरे महबुब की गली मे कोई नया किरायेदार आया हैं

Good night shayari

महबूब की बाहो का सहारा मिल जाए
फिर नींद आए या मौत
तैयार हुँ मै आए और साथ ले जाए
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दिल के दरवाजे खोले लेटी हु
घीरे से आ जाओ
पलकों को बंद कर लु
कही निकल ही ना जायो
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जानती हु कि सबको इतजांर रहता है मेरे आने का
तो लो मै आईं हु साथ अपने सपनो की पोटली लाई हु
चुन लो सब खवाब अपने देखो कोई रह.ना जाए
अब चादँ को कह दो.कि वो भी बादलो मे छुप जाए
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खवाब देखना चाहती है ये आखें
पर तुम तो साथ हो तो खवाब कयु
आज खवाबो को हकीकत मे बदलने का इरादा है
साथ हो तो काली राते भी रोशन है
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आखौ मे नींद नही खौफ है तुफान का
काश तुफान उठा के तुम तक ले आए
तुफान मे भी चैन की नींद कर लेगें
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चलो चलो चादँ तारो आ जायो छुपा लु तुम्हें आचँल मे
रात काली अंधेरी हैं डर ना जाना कहीं अकेले मे
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हवा कुछ सरद हैं ऊपर वाला भी मेहरबान हुआ
चॉद बादलो मे छुपा सितारे आखं मिचौली मे लगे
चलो हम भी चले नींद की आगोश मे,
तुम भी आना खवाबो मे धीरे से
करेगे पयार की बाते डाल आखों मे आखें
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चॉदनी रात है तेरा मेरा साथ हैं
नींद किसे आती हैं जब सनम इतना पास हैं
दुनिया से अॉख मिचौली ना खेलो,
सब ये राज जानते है ,
इन पलको के सिवा तुमहारा ठिकाना कोइ नही
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शबनम सी  बिखरी है बस तुम आ जायो ,         हम तो  युही  इन आखो  के  टिमटिमाते तारो  मे खोए  है ,तुम   तारो  की  चादर  ओड  लो  कही आसमाॉ की  चाँदनी  ना बहक जाए  मेरे चॉद  को  देखके

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आ जायो की आखौ मे नींद भरी है
तेरे काधें का तकिया मिले तो
इस ROOH को सकुन मिले
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सो जाए ये जमाना तो मुझे बाहों मे ले लेना
फुलो की सेज सी लगता है तेरा साथ
पयार की बारिश कर के आज अपनी बना लेना
💓💓💓

Shayari