Dil ne phir yad kiya

हिचकी रुकती नहीं कया करु
सासें थमती नही कया करु
तुम आ जायो के अब इकबार
कया करें ये दिल अब मेरी सुनता नहीं
कयु तुम्हें ही याद करता है बार बार
🌷🌷🌷

दिल ने तडप के फरियाद किया है
पलको से गिरती हर बुदं ने तेरा नाम लिया है
तुझ बिन सुनी सी लगती है ये शामो सहर
आजा के हमने तुझे ऐ सनम याद किया है
🌷🌷🌷

दिल ने फिर याद किया आज फिर वहीं गर्मी के दिन
दीवार की छावँ मे छत पर तेरा खडे रहना
पसीने मे भीगते भीगते तेरा वो पतंग उडाना
मेरा कपडे सुखाने के बहाने बार बार तुमहे देखने आना
दिल ने आज फिर याद किया
🌷🌷🌷

अभी अभी कोई मिला रासतो मे
हुबहु तुम सा था कही तुम तो नहीं
कैसे पहुंचे ये हाल मेरे दिल का तुम तक
जब घडकने बड जाए और बेचैनी सी हो
तो समझ लेना दिल ने फिर याद किया
🌷🌷🌷

आज राह मे जब उनही गलियो से गुजरना हुआ
जहा हम तुम छुप छुप मिला करते थे
वो चाय वाले अकंल वो साइकल रिपेयर वाला भइया
सब वही थे बस तुम नहीं थे
दिल मे इक टीस सी उठी है तुम आ जायो
दिल ने आज फिर याद किया
🌷🌷🌷
कया उनहे भी कभी हमारी कमी खली होगी
कया उनहोने भी अनजाने मे हमें पुकारा होगा
कया कभी उनके जहन मे हमारा खयाल आया होगा
बस यही सोचते सोचते ना जाने दिल ने उनहे हर वकत याद किया
🌷🌷🌷
बहुत हुआ अब आ जायो कितना सताओगे
गिरती हुई बारिश की बुदें ये खुशबू से भरी हवाए
सब  चिडाती है तेरा नाम ले लेकर
अब आ भी जा जालिमा फिर दिल ने याद किया
🌷🌷🌷
 
चाहा है तुझे उस रब से जयादा जमाना गवाह हैं
मदिंर भी गए तो तेरी ईक झलक की ख़ातिर
अब तु ही बता कया हाल हो मेरा
तुने उस रब को छोड खुदा से यारी कर ली
🌷🌷🌷

नजराना तेरा आज भी सीने से लगा रखा है
तेरे हाथो की छुअन महसुस होती हैं
हम तो तेरे इशक मे ऐसे डुबे सनम
रेगिस्तान में भी बरफ सी ठंडक लगती हैं
🌷🌷🌷
तेरा नाम लेकर कैसे पुकारू नजरो की भाषा समझ लो,
दुनिया तो पहले ही कयास लगाती हैं किसी को नजर ना आना सनम
बस युही दिल मे छुपे रहो
🌷🌷🌷

दिल ने फिर पुकारा हैं तुझे
सासें फिर तेज हुई
तेरी खुशबू से महकी हैं हवाए
मेरे महबूब बस आ भी जायो ये आंख मिचौली कबतक
🌷🌷🌷
तुझे ढुंढा हर दिशा नजर कही आए नही
तब अहसास ये हुआ कयु भागती फिरती हु बनके हिरण
ये महक जिसे तलाशती हु वो तुम ही तो हो जो कसतुरी से बसे हो मुझमे
🌷🌷🌷

तेरी चाहत मे एसा नशा है दिन दिन चड रहा
सुबह शाम मदहोशी सी रहती है,
सरूर नजरो मे तेरी तसवीर का हैं,
और लोगो को हम नशे मे लगते है
🌷🌷🌷

इतना करो ना मुझसे पयार हर वकत सिर्फ तुम नजर आते हो
इक पल दुर रहना मुशकिल है अभी ये आलम है
तुमको देखा तो जी ना पाएंगे
🌷🌷🌷

Facebook friends

31/5/2018

Bahut din bad ayi hu kuch kehne,roj ek new experience hota h yha, Abhi kal ki ho bat lijiye Mene kisi se ek favour mangi voh bhi Apne nhi kisi or ke liye to pehle to yeh excuse ki hume kya fyda fir net slow hei mene bola Wah chatting me to net Ko problem nhi kisi ki madad me net ka ye Rona kyu to bdi mushkil se toh usne kiya jese koi Ehsan Kiya

Insan itna matlbi kyu hei aj ka aur yeh social media par to kuch jyda hi hei ek chehre pr dusra chehra kyu hei

AA BANDE KISI KE. kAM TU
SHAMSHAN LE JANE KO BHI 4 KANDHE TU BHI MANGEGA

10/5/2018
Good morning friends

Aaye aaj fir baat Karte hai Apne Apne dilo ki, mein intzar karti hu ki aap log bhi mujhse kuch kahe par koi kuch kehta nhi, vese to Facebook par bahot friends hai Lekin sab shyad ajib hai, pta nhi koi real kyu nhi lagta sab ek dusre ko bewakoof bnate hai ya shyad khud Ko bnate hai, koi unse puche ki kisi Ko kya farq padta hai ki aao sunder hai ya nahi asp rich hai ya nhi, meine dekha hai yha log bahut vulger bat karte hai jo real life mail nhi kar pate voh that karne ki koshish karte hai. Dost to foster hote hai par pta nhi Facebook par kyu nhi, yha jese log hai kya sabki mansikta esi hi ho gayi hai to kyu kisi se bat karna ya kyu Dosti karna, shyad yhi ek vajeh hai ki log itne tanha hai, mein yha jitne bhi log dekhe sabme ek bat common lagi hai, sab thode din Mai yhi kehte hai ki fb band krni hai log hurt Karte hai koi kisi ka nhi , esa kyu hai,kya log Apne chehre par chehra kyu lgate hai
NA KOI DOST HAI NA DOSTI,
PITH MAI CHURA MARNE KI SAJISH
JHUTH OR FAREB GHULA HAI DIMAG MAIN
YEH INSAN HAI YA INSAN KI SHAKL MAI GIRGIT
“NA ESE DOST CHAHIYE NA UNKI DOSTI
Voh kehte hai na ki kitab kaise hai yeh cover dekh ke pta lagta hai isiliye LOGO NE FACEBOOK KA MATLAB CLEAR KAR DIYA “CHEHRE PAR CHEHRA LAGA LO FIR DIL RUPI KITAB MAI KUA HAI KISKO PTA”
🌷🌷🌷

6/5/2018(episode no 3)
Facebook jese fake lgta hai sab
Logo ko jese kisi ne sikhya nhi ya logo ke khoon me voh bat nhi
Na insaniyat na bat karne ki tamiz
Ye sab yhi aakar dekha gandi bate Karna kisi ko bura bolna Kya yhi tamiz hei real mein Kya log aise hote hai
Ya facebook par aakar itne frustrate ho jate hai yha kehne ko friends hai lekin sab fake

KYU INSAN CHEHRE PAR CHEHRA LGATA HAI, WOH DUSRO SE JHUTH BOL RHA YA KHUD KE CHEHRE SE GHIN ATI

(episode 1)
Friends chahiye to ek facebook id bnao usme ek sunder si pic lgao thoda attitude ka tadka maro agar ladki hai tab to sara zahan tumhara, pic de do number de do, besties ki to bharmar hai, BF matlab best friend nhi Boy friend, ab koi yeh batao ki koi kitne bf bnaye, lekin yha ke bf bhi bde smart hai har ladki ko bolege ki koi puche to mera naam bolna ….

DAY. 2
Chalo aa jao aage ki story

Sabse jyda maza to tab ata hei jab us boyfriend ki koi ek frnd dusri ki frnd ban jati hei voh dono ko hi ladoo ki tareh samjh rha ab 2 se jyda bnaoge to ek ko to girana padega agar gf bewakoof hai to bf asani se 2/3/4 bnata jyega or agar Kabi pakde gye to or bhi easy ho jata hei sabse picha churana
ID DEACTIVATE

BF ki kya kya harkate apko bta deti hei ki voh chalbaz hei agar girls aapko janna hei to is coloum Ko daily padte the or boys agar aap bhi esi galtia karte hai or pakde jate hei to comment mei puchiye aur aap bhi daily coloum dekho taki yeh galti na kre ki GF apko range hath pakad ke

KAL Fir MILTE

Ishq ki galio se

उनकी गलियों से गुजरना हुआ
ऐसा लगा के ईतर के दरिया मे नहा के आईं हु
हवाओं का ये आलम है तो उसके पहलु मे अपना हाल कया होगा
🌹🌹🌹
जब हमतुम हाथो मे हाथ लिए
इन इशक की गलियों से गुजरते है
जलने वाले जल जल जाते है
जब तुम मुझे अपना बुलाते हो
🌷🌷🌷

इशक की गलियों मे फिसलन ही फिसलन
सनम से नजर मिलते ही दिल हुआ बेकाबू
ना हम होश मे ना धडकने सभंली
किसको दोश दे जब रूह को सकून उनकें पहलु मे है

ROOH ko ROOH mein kho jane do

तुझे ढुंढा मैने हर गली कुचे मे
पर तुम मिले रात की तनहाई मे
हर सांस मे तुझे याद किया
और तुम छुपे इस रुह की गहराई मे
🌷🌷🌷

आखौं मे आखें बाहों मे बाहें
रुह को रूह मे खो जानें दो
चलो आ भी जायो सनम अब बहुत हुआ
ना तडपायो इतना कहीं मर ही ना जाऊ
बस अब तो अपना हो जाने दो
🌹🌹🌹
आज मौसम भी बेईमान है
तुमहारी तरह ही मचल रहा
आज रुह को रुह मे खो जानें दो
पुरे करने है अरमान सारे
बस आज की रात हमे होश नहीं
बस तुम हम हमतुम और कुछ नही
हमे खुद को भुल जाने दो
🌷🌷🌷
आज भी जब तेरा खयाल आया
तेरा वही रूमाल मेरे काम आया
खुशबु बसी है आज भी उसमे तेरी
वही तो है इस रूह का राजदार
तेरे हाथो की छुअन का अहसास हैं इसमे
इस रूह का सकुन बनके ये फरिशता तेरे होने का पैगाम लाया
🌷🌷🌷

रुह को रुह मे खो जाने दो
अपनी आखों के मयखाने मे डुब जाने दो
होश मे आना कौन चाहता है
बस अब तो बहक जाने दो
🌷🌷🌷

आओ के होश गुम है ,
तुमहे पाने को दिल बेचैन है,
ये रूह तडपती हैं तेरी रूह मे खो जाने को ,
ना तरसा इसे ऐ जालिम
कहते है भटकती रूहे कभी पीछा नही छोडती
🌷🌷🌷
ये रूह  तुझमे खोना चाहती हैं तेरी होना चाहती है
भर ले आगोश मे कि पिधलना चाहती हैं
जब जब समेटते हो मुझे बस उसी एक पल मे रहना चाहती हुँ

🌷🌷🌷

छू के देख हकीकत हूँ कोई खवाब नही
जो तेरी जिदगीं महका दे वो गुलशन हु
कोई कागज के फुल नहीं
अपना तुझे बनाना है और तुझमे खो जाना है
रूह का मिलन हैं ये जिसमो का नही
सात जनम निभाना है एक रात की बात नही
🌷🌷🌷

मुसकुरा के देख तेरी ही Rooh हु
कल रात खवाब मे थी आज रुबरू हुँ
🌷🌷🌷
दिल से निकली हर आह का हिसाब मागुगीं
ये रुह तेरी है
इस जनम का ही नहीं
उस रब से सातो जनम तेरा साथ मागुगीं
🌷🌷🌷
मेरे सनमकी आशिकी तो देखिये
बहाना पानी बचाने का हैं
और चाहत हमारी जुलफो से टपकती बुदों की
🌷🌷🌷

हुसन की बारिश मे भिगो ले खुद को
कभी कभी बरसती हैं तृपतृ कर ले खुद को
नसीब से मिलता है ये मौका
आज बाहों मे भरकर पुरा करदे मुझको
🌷🌷🌷🌷

मेरे सनम की बाहोँ मे महफुज रहतीं हुँ
वहीं तो हैं जो हमको हमसे चुरा लेते हैं
🌷🌷🌷🌷
इक  खवाब सा देखा हैं हमने
तेरे साथ दुनिया बसा ले
और उसे जनंत का नाम दे दे
🌷🌷🌷🌷

तुम भी झूठे तुम्हारे वादे भी झुठे
रात भर साथ रहने का वादा खुब निभाया
पर हकीकत कहा था खवाब मे नही
और उसपर लिपस्टिक कयु नहीं लगाई ताना भी हमी को
🌷🌷🌷🌷

इश्क के दरिया मे उतर के देखिये
धसते चले जाएगे
एक दिन ऐसा आएगा ना दिल साथ देगा ना दिमाग
रह दुर इस बिमारी से कहे देते हैं वरना जान से जाओगे
🌷🌷🌷🌷

तुम कल रात सपने मे आए ये जमाने को खबर हो गई
बिसतर की सलवटों ने सब राज खोल दिए के मैं तेरी हो गई
🌷🌷🌷🌷

वो चाहते है युहीं सामने बैठे रहे
पर कया करे जनाब दिल मानता ही नहीं
बार बार उनके गले लगने की जिद करता हैं
🌷🌷🌷🌷

रात भर ये चाँद मेरे साथ जगा हैं
मै तेरे इतजांर मे और ये मेरे महबुब की इक झलक की खातिर
मौसम हसीन नही ये इस चाँद की ठंडक हैं
जो तेरे दीदार की खातिर अबतक  बादलो मे छुपा नहीं
🌷🌷🌷🌷

लो जी आईं हु फिर तेरे पयार का जामा पहन कर
अब मुझे सवाँर दे अपने इन होठोँ की मुहर लगा कर
🌷🌷🌷🌷

आज सामने देखा तुझे तो सासें जैसे थम सी गई
छु भी ले सनम कहीं मर ही ना जाए
🌷🌷🌷🌷

तुझे देख के ये दिल घडकता हैं
सासें तेरा नाम लेती हैं
मेरा तो अब कुछ बचा नही
ले ये Rooh भी तेरे नाम करती हुँ
🌷🌷🌷🌷
तेरे दिल मे रहना है इक याद बनके
तेरी रातो को सजाना है ख्वाब बनके
तेरी हु मेरे सनम मेरी जिदंगी को मायने दे दे
मेरी मजिलं बनके
🌷🌷🌷🌷
अगर तुम सुरज हो तो मैं सुरजमुखी
तुम चाँद तो मै चाँदनी की ठंडक
तुम से ही वजूद मेरा तुम ही पहचान हो
तुम इस दिल की घडकन तुम ही इस ROOH का अरमान हो
🌷🌷🌷🌷
ना जाने तुम मे कया कशिश हैं
खिचीं चली आती हु
इन नजरों की भाशा को समझ मेरे पृतम

ये ROOH तेरी होना चाहती हैं
🌷🌷🌷🌷
तेरे पहँलु मे जो घडकता है वो दिल मेरा है
तेरे कदमों के निशां पर जो चलता है वो साया मेरा हैं
मेरी हर सांस के साथ जो सुनाई दे वो नाम मेरी जान तेरा हैं
🌷🌷🌷🌷
दुनिया वालों शिकायत ना करना अधेंरो की
मेरा चाँद आज मुझसे मिलने आया है

Heart touching shayari

ना कोई साथ देगा अपना ये पता है
बेरहम है ये दुनिया पतथर मारती है
अपना कहने को कोई नही
फिर कयु दिल लेने देने के झूठे वादे करते हो
🌷🌷🌷

अपने सारे दर्द मुझे दे दे
तेरे साथ हु हर घडी
तेरे बिना तो सांस आती नही इकपल
कैसे जीऊगी जिदंगी इतनी बडी
🌷🌷🌷

उसकी बातें फरेब लगतीं है
चाशनी मे लिपटी जहर लगती है
वो हमे नादान समझते है
और हम है कि उनके दिल मे छुपे झूठ को भी पड के चुप है
🌷🌷🌷

रिशते अब ऱिशते नही सब मौका परसत हैं
दिल मे रहोगो आखिरी सॉस तक कहते थे
जब आँखें फेरी तो गुमान हुआ
कि उनके सीने मे तो दिल ही नही
🌷🌷🌷

कया लिखु ऐसा के दिल को छु जाए
जो काम ये.रूह ना कर सकी
शायद लफज असर कर जाए
🌷🌷🌷
जखम कितने है इस रूह पर कया बताए            आ जायो के मरहम भी तेरे नाम की लगाते है   🌷🌷🌷

पल पल देखते हैं तुझे दुर जाते हुए
होंठ सिल से गए है
ना तुझे पुकार सकते है ना तेरा नाम लेते हैं
इक तरफा मोहबत है ये कह के दिल को समझा लेते हैं
🌷🌷🌷🌷

ना जा दुर हमसे जी ना पाएगें
वो छोटी सी गलती की सजा सह ना पाएगें
तु चाहे तो जान लेले
तेरी जुदाई का जहर हम पी ना पाएंगे
🌷🌷🌷🌷
तुझे याद है जब पहली दफा पयार का इजहार किया था
वो पल वो घडी वो हसीन लमहे
सुनो मै आज भी वहीं खडी हु
🌷🌷🌷🌷

जब वो ही ना समझा मेरे जज्बात को तो दुनिया कया समझेगी
तेरी खुशी के लिए हमनें खुशी से किनारा कर लिया
जिधर सुकुन से सो लेते थे दो पल उस आशना को ही मिटा दिया
🌷🌷🌷🌷
जो तेरे दिल को छु ना सकी वो नजम हुँ मै
तेरे दरद को जो कम ना कर सकी वो दवा हु मैं
अब जी कर  कया करु मै
जब तेरे लायक ना बन सकी मै
🌷🌷🌷🌷

हमें नही आती ये दुनिया की रसमे
वफादारी इस लहु मे घुली है
कया कुछ जयादा चाहा हमने
जो तो तुने थोडी बेवफाई घोल दी इसमे
🌷🌷🌷

इस Rooh से मिलना तो पता याद कर लो
फिर ना कहना रासतो मे छोड़ गई
पल भर का साथ हैं देखते देखते ये घडिय़ां हाथो से फिसल गई
🌷🌷🌷🌷🌷
कया करु ऐसा तु मेरा नसीब बन जाए
तुझे पाने की चाहत मे कहीं उम्र ना गुजर जाए
बस इतनी आरजु है इस दिल की जब हम मिले उस पल ये कायनात रूक जाए
🌷🌷🌷🌷

उनहे कैसे बताएं कि हवाएं भी तेरा पैगाम देती हैं
पर ना जाने कयु कुछ दिनो से रुख बदला सा है
किसी और गुलशन की खुशबू से महकी है या
मौहब्बत का नया रंग चडा है
🌷🌷🌷🌷
तेरे साथ की तमन्ना मे सबको छोडते चले गए
आलम ये हैं कि अपना साया भी नजर नहीं आता
🌷🌷🌷🌷
ये उनकी बेरुख़ी कहे या बेपरवाही
वो गैरों को गिरते देख सहारा देने मे ऐसा खोएँ के
अपने हाथों का जाम हमें पकडा गए

Is naakam mohabat ka itna fasana hai

मेरे सनम तु बेवफा है या किसमत ने बेवफाई की
तेरी तसवीर मे हम नही कोई और है
इतना भी ना इमतहान ले मेरे सबर का
कही तसवीर ही ना बन के रह जाए तेरे गम मे
🌷🌷🌷

हम तुझे चाहते रहे सदियों से
तुझे खबर भी ना हुई
बस यही फसाना हैं इस नाकाम मोहबत का
तुझे अगले जनम मे पाउ इस हसरत मे दुनिया छोड दी
और तेरी लंबी उम्र की दुआ कोई और मांग रहा
🌷🌷🌷

इस नाकाम मोहबत का बस इतना ही फसाना है
दिल मे दर्द उनके नाम का है और उनको खबर नही
आखौ मे तसवीर जिनकी वहीं हमसे महबुब का पता पुछे
🌷🌷🌷
इस नाकाम मोहबत का इतना फसाना है
उस की गली से जनाजा निकले जब
उसके चेहरे पे गम की लकीर हो
बस यही देखने के लिए हमे अब मर के दिखाना हैं
🌷🌷🌷

ना जाने कब उनको अपनी जिदंगी बना बैठे
शायद वही पल होगा जब खुद को भुला बैठे
हमे तो अब कुछ खबर नहीं
उनको ही मुरशिद और खुदा बना बैठे
🌷🌷🌷
इस नाकाम मोहबत का इतना फसाना हैं
या तो उनको पाना हैं या खाक मे मिल जाना हैं
🌷🌷🌷
जानती हुं तेरे दिल मे मै नही
फिर ये कसमे वादे किसलिए
जब इस ऱूह से मोहबत थी ही नही
तो ये दिल्लगी किसलिए
जब सजानी थी गैरो की महफिल
तो हमारी महफिल मे चिराग जलाए किसलिए
जा कह दे इस जमाने से की जुदा है हम
फना हो ही जाते है तुझे दिल मे लिए,
अब यू सिसक सिसक के जीना किसलिए
🌷🌷🌷

इस नाकाम मोहबत का बस इतना फसाना है
तेरी आरजु है तुझे पाना है
मिल ना सके इस जन्म मे तो क्या
हर जन्म तेरे लिए इस जहाँ मे आना है
🌷🌷🌷

तुझे भुलने की नाकाम कोशिश करती हुँ
सब भुलना चाहती हूँ
पर कुछ भी भुल नहीं पाती
नफरत नहीं कर पाऊगी कभी तुझसे कि तु बेवफा निकला
कयुकि आज भी सिर्फ तुझसे ही मोहब्बत करती हुँ
🌷🌷🌷🌷

तुझसे मोहब्बत की हैं कोई गुनाह तो नही
कयु इतनी बडी सजा दे रहा है
ना दे जवाब वफा का वफा से
गैरो से रिश्ता निभा के बेवफाई का इलजाम ना ले
🌷🌷🌷🌷
भुल जा अगर भुलना आसान है
हम तुम्हें भुले तो एक पल जी ना पाएगें
ये सासों की डोर तेरे नाम से जो बंधी है
🌷🌷🌷🌷

कैसे जिएं तुझे देखे बिना
ये दिल घडकता तेरी याद से है
अब रहा जाता नही दुर तुझसे
हमे तो जीना मरना तेरी बाहों मे है
दे इतनी इजाजत हमे
तेरी मुरत दिल मे बसा के
पूजना तुझे पहले उस रब से हैं
🌷🌷🌷🌷
तुझसे पयार करके सारे जमाने को भुल गई थी
एक तु जो भुला, हमे जमाना तो कया वो रब भी याद आया है
🌷🌷🌷🌷

बस इक दफा कह दे कि तुझे कभी मोहबत ना थी
तेरे इस झुठ को भी सच मान लेगें
तेरी आँखों मे जो देखा था वो पयार नहीं कुछ और था
बस आखिरी बार ये यकीन दिला दे कि तुम कभी हमारे थे ही नहीं
तेरी कसम तेरे कदमों मे ही जान देगें
🌷🌷🌷🌷

कयु ये दिल तेरे बिना जीना नहीं चाहता
कयू इन आँखों को सिर्फ तुझे ही देखना है
तु कयु नहीं समझता कि तु जरुरी है मेरे लिए
तुझे पाना ख्वाब सा हो गया हो जैसे
तु खवाइश नहीं जनुन है इस rooh का
🌷🌷🌷🌷

टुट गई हुँ तुझे खोने के डर से
कया करू तु ही बता दे
छोडना है तो मार दे एक बार ही
तुझे कयुं तडप तडप के मिटाना अचछा लगता हैं
🌷🌷🌷🌷

कया कहु कुछ समझ नहीं पा पाती
ये तेरी बेरुखी हैं जो जीने नही देती
तु बस एक बार ये कह दे
कि अगले जनम तु मेरा होगा
तो तिल तिल मरने से निजात पाउ
🌷🌷🌷🌷

आज फिर दिल उदास हैं
कयू पलकें भीगना चाहती है
दिलो की दुरिया लोगों को कया दिखाऊ
तेरी जुदाई का ये सुनापन अब तो शायद अपनी सासेंं देकर भी ना भर पाउ
🌷🌷🌷🌷

ऐसी कया खता हुई की दुर दुर महसूस होते हो
तुझे पाने के सौ रासते तलाशते रहे
और खोने के लिए एक गलती गुनाह बन गई
🌷🌷🌷🌷

आज ये फरमान जारी हुआ हैं कि बस खिलखिलाते रहिए
ये भी तो बता दे कि हसते हसते आँखों से जो छलक जाए उस बरसात का हिसाब कैसे दु
🌷🌷🌷🌷

कया करे तेरी याद मे दिन रात तडपते है
आके अपने दीदार की मरहम रख दे
उस एक पल मे उम्र जी लेगें हम
🌷🌷🌷🌷
दाद कया देगा कोई इस नजम का
जो लिखी भी गई मिटाई भी गई
जख्म एसा मिला बस बेवफाई का के किसी महफिल मे सुनाई नही गई
🌷🌷🌷🌷

ना कर वादा कोई सब फरेब लगता हैं
ये तनहाइयों अपनी सी लगती हैं
शमशान अपना घर सा लगता है
🌷🌷🌷🌷

लो भुल गए हम भी वो साथ बिताए पल
लो जला दिए सारे खत जिनमें पयार दिखता था
लो छोड़ दिया वो शहर जहां हम एक हैं लोग कहा करते थे
बस ये ना कहना तुम्हें भुल जाए कयुकि उस रब ने ये हक अपने पास रखा है
🌷🌷🌷🌷

इक याद सा रात भर तु साथ था
हर करवट के साथ दिल तडपता था
हम जगते रहे तेरी याद मे
तु सोया रहा गैरों की बाहों मे
🌷🌷🌷🌷
हमसे कया जुर्म हुआ जो दुर हैं हम
बता दे कि हमें देखना भी गवारांं नहीं
कयू इस बेरहम दुनिया की बातें सुने हम
कयु इस तकदीर के आगे मजबुर हैं हम
🌷🌷🌷🌷
कयू हैं तु मुझसे यु बेपरवाह
मुझे जानने की फुरसत नही या
कोई और किताब पडने मे मसरूफ हैं
🌷🌷🌷🌷
तु लगाता रह निशाने
चलाता रह तीर जितने चाहे
इस दिल का दर्द बहता रहेगा लहु बनके
रोज आएंगे तेरे दर पे नया खिलौना बनके

आओ मिल बैठे

बहुत दिन हुऐ दिलो के हाल कहे
आ जाये के कुछ कहना है
तुमहे गले लगा के ए मेरे सनम
खुद को तुम मे खोना है
करने है सैकड़ों शिकवे गिले
ये जिद है कि आज मुझे तो तेरी होना है
🌷🌷🌷

आओ कुछ कहना है तुमहे
आखों मे काजल सा बसाना है तुमहे
फिर ना कहना कुछ खो गया है
तेरा दिल सीने मे अपने छुपाना है मुझे
🌷🌷🌷

बहुत दिन हुए नजर से नजर मिले
आओ थोडा मिल बैठे, हाले दिल सुना ले
कुछ तुम अपने दिनो की कहानी कहो
कुछ हम अपना रातो का फसाना कहे
कुछ पयार के नगमे कुछ मोहबत के तराने
कुछ शिकवे शिकायत कुछ रुठना मनाना
बहुत हुई दुरियां अब चलो “आऔ अब मिल बैठै”
🌷🌷🌷
आऔ मिल बैठे कुछ खुशिया कुछ गम बाटे
कुछ आंखों से आसुं पोछ आए
कुछ आँखों को खुशी के आसुं दे आए
कुछ रोते दिलो को हसॉ आए
कुछ उदास चेहरो को मुसकान दे आए,
कुछ बिछडो को मिला आए
कुछ रूठो को मना आए
बस इतनी ही तमन्ना है इस दिल की
ये ROOH किसी के तो काम आए
🌷🌷🌷
अभी किसी ने मुठी भर गम के बदले खुशियां मागीं है
आओ मेरे अपनो इसे हम बाटं ले
कहते है ना गम बाटने से कम होते है

GARMI MEIN THANDAK KA EHSAS

तेरी चाहत मे ऐसी दीवानी हुई जाती हु
रेगिस्तान मे बरफ महसुस करती हु
दुनिया वाले हसते है मुझपर
पर मै तो बस मोहबत मे मिटी जा रही हु
🌷🌷🌷
तेरे ना होने से ये अहसास हुआ
कि तुम कया हो मेरे
इस दिल की धडकन इन सासों की तान हो
उस रब के बाद कहने को अपना
सिर्फ तुम ही हो मेरे
🌷🌷🌷
इस चिलचिलाती धुप मे छावँ हो तुम
गरम हवायों के थपेडों मे शीतल पवन से हो तुम
तुफान बाद की तबाही मे भी जीने की उम्मीद हो तुम थके हारे मुसाफिर की मजिलं हो तुम
मुझसे कया पुछना मैरे तो सब कुछ हो तुम
🌷🌷🌷

गरमी मे ठंडक का अहसास हो तुम
कभी ना बुझने वाली पयास हो तुम
तपती जमीन पर बारिश की फुहार हो तुम
तुमही मेरी आशिकी तुमही मेरी बंदगी
अब और कया कहु इस रूह की आखिरी मंजिल हो तुम

Tere ishq mein

तेरे इशक ने किया ये असर
ना दिन का होश ना रातो की खबर
तुझे देख के ही जीती हु अब तो मेरे हमदम
आ देख तेरे मरीज का हाल ऐ मेरे रहनुमा
कब तक रहेगा युही बेखबर

Yeh teri meri kahani

लफजों से जो बयां ना हो ये तेरी मेरी कहानी
दिलो मे मौहबत हो तो महसुस करो
सासों मे गर्मी भर दे
मंद पडी घडकनो को जीना सिखा दे
ये तेरी मेरी कहानी, हाँ यहीं तेरी मेरी कहानी
🌷🌷🌷
तेरे इशक ने मशहूर कर दिया
तेरे नाम से बुलाते है अब मुझे
जहां से भी गुजरो आखौं मे मुसकराते है सब
यु लगता है जैसे सिर्फ एक ही चरचा है शहर मे
दबी जबान से गुनगुना रहे सब ये तेरी मेरी कहानी
🌷🌷🌷

कल रात फिर वही सब दोहरा गई हवाए
तुम तो नही आए तुमहारी याद दिला गई हवाए
बहुत कोशिश की समेटने की इन जुलफो को
पर तुमहारी ही तरह इनहे बिखरा गई ये हवाएँ
हमने तो बहुत छुपाई ये तेरी मेरी कहानी
पर सब राज खोल गई ये हवाएँ
🌷🌷🌷

वो तेरा गीला तौलिया उठाने के बहाने मेरे आगंन आना
वो मेरा तुझे देख के मुसकुराना,
वो गली से गुजरते वकत तूझे देख मेरा सिर झुका लेना
जबान से कुछ ना कहकर नजरो से सब कह देना,
ना जाने कब पयार हुआ,ना जाने कब दुनिया ने रच ली एक और कहानी,
ये तेरी मेरी कहानी, ये तेरी मेरी कहानी
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तुम मुझमे यु समाए हो जैसे रगो मे लहु
मेरे वजुद पर यु छाए हो जैसे धरती पर आसमॉ
ये जहाँ समझे ना समझे दिलो की दॉसता तो कया
उस रब की लिखी है ये तेरी मेरी कहानी
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बारिश की बुदं सी हु मै और तुम सागार मेरे
बाहें फैलाए आवाज देते हो और मै समा जाती हु तुममे
अपना वजुद मिटा दिया तेरी चाहत मे
अब तो युही रहना है तेरी बाहों मे
जानती हु तुझमे मिलकर हो जाउगी मै भी खारा पानी
पर फिर भी याद करेगी दुनिया
ये तेरी मेरी कहानी,ये तेरी मेरी कहानी
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आज फिर एक नयी कहानी है सुनाने को,
जब उनहोने पुकारा हमको ,
हम खवाब मे ही दौड पडे,
लेकिन उनकी शरारत तो देखिए
कहते है हमने भी तो पुकारा खवाब मे

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ये तेरी मेरी कहानी,
ऐक ताजा हवा का झोंका है,
जो रूहो को महकाता हैं जिसमो को गुदगुदाता है
ये हमारी कहानी कभी हसॉती है कभी दिल के तार छेड जाती है
कभी ना खतम होने वाली ये दासतॉ हैं
प्रेमी सुनते सुनाते रहेगे हमेशा गुनगुनाते रहेगे
ये तेरी मेरी कहानी,
ये तेरी मेरी कहानी
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वो तेरा पयार से मुझे छेडना वो मेरे बालो से खेलना
वो रह रह कर मेरा नाम पुकारना
आज भी याद करती हु तो आइना मुसकुराने की वजह पुछता है
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आ जायो के गरम हवाएँ जलाने लगी है
बरसात की बुदों से बरस जायो
आज वो पुरानी कहानी दोहराते है
मै जमीन और तुम मेरे आसमां बन जायो फिरसे
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याद है वो दिन जब पयार है मुझसे कहा था
बस वहीं पल जिया है अबतक
तेरी आवाज आज भी कानों मे सगींत सी बजती है
तेरी आखौ की शरारत मेरे चेहरें की रंगत बदलती है
जो कहा वो पयार था या जो महसूस करती हु वो पयार है
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ये तेरी मेरी कहानी है सदियों पुरानी
बस नाम बदलते है चेहरे बदलते है
हमारा भी फसाना लिखा जाएगा
हमारी मोहबत की भी कसमे आशिक खाएंगे
कयुकि कहते है.ना मोहबत सचची वही जिसको मिलती नहीं मजिले
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Shayari